Sunday, August 16, 2015

जिस राह पर चल........














जिस राह पर चल दिए है,
वो ले जाए कहाँ,
दिल की ये पुकार है,
ना होना खफा,
तो फिर क्यों ये दूरियाँ,
तो फिर क्यों ये फासलें,
यादें ज़िया तड़पाये,
इन आँखों में,
नींद ना आये,
के ये मन तड़पता जाए,
के ये मन तड़पता जाए,
दूरियां मजबूरियाँ रोके क्यों मुझे,
जान ले अब ये दुनिया मैं ना भूलूँ उसे,
तो एक आस ढलती जाए,
यादें यादें जिया तड़पाये
इन आँखों में,
नींद ना आये,
के ये मन तड़पता जाए,
के ये मन तड़पता जाए,

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